नेपाल में एक बार फिर Gen Z आंदोलन उग्र हो उठा है। युवाओं का गुस्सा सोशल मीडिया पर बैन और राजनीतिक असंतोष के खिलाफ फूटा है। प्रिया आंदोलन के नाम से जाना जाने वाला यह विरोध इतना तेज हो गया कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनकी पार्टी CPN-UML के कई नेता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भीषण झड़पें हुईं, जिसमें लाठियां चलीं और आंसू गैस के गोले दागे गए। कई जगहों पर कर्फ्यू लगा दिया गया।
इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री ओली के समर्थकों और Gen Z आंदोलनकारियों के बीच तीखी भिड़ंत हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल का प्रयोग किया। कार्यवाहक प्रधानमंत्री निशांति ने देश की शांति बहाली की अपील करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
आंदोलन के दौरान कई शीर्ष नेताओं के आवासों पर हमले हुए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। नेपाल सरकार ने आंदोलनकारियों पर सख्ती बरतते हुए कई नेताओं की यात्रा पर रोक लगा दी है। आंदोलन की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली समेत पांच शीर्ष अधिकारियों के पासपोर्ट जब्त करने की सिफारिश की है।
नेपाल के राजनीतिक हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और आंदोलन अभी भी जारी है, जिसके चलते लोगों की जान-माल का खतरा बना हुआ है[





