हाल ही में सीरिया में तुर्की, सऊदी अरब, इज़राइल और अमेरिका समर्थित HTS आतंकवादियों द्वारा शिया अल्पसंख्यकों और विरोधी सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरुओं की हत्या की खबरें सामने आई हैं। यह हत्याएं रमजान के पवित्र महीने में हो रही हैं, जो कि इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है ¹।
यह घटनाएं इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि रमजान के महीने में ही हजरत अली की शहादत हुई थी। हजरत अली इस्लाम के चौथे खलीफा और शिया मुस्लिमों के पहले इमाम थे। उनकी शहादत 21 रमजान को हुई थी, जब उन पर अब्दुर्रहमान इब्ने मुलजिम ने हमला किया था ¹।
इन घटनाओं को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि सीरिया में चल रही हिंसा और हत्याएं इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए बड़े खतरे हैं।




