संवाददाता।लखनऊ।जिलाधिकारी/अध्यक्ष हुसैनाबाद ट्रस्ट के आदेश अनुसार (कोविद-19)कोरोना वायरस के दृष्टिगत ट्रस्ट के 37 कर्मचारियों की ड्यूटी राजधानी के अलग अलग सामुदायिक केंद्रों पर लगाए जाने से कर्मचारियों में काफ़ी रोष है।और इन कर्मचारियों की सुनने वाला भी कोई नहीं है।इस सम्बंध में हुसैनाबाद ट्रस्ट के कर्मचारियों ने बताया कि उनकी ड्यूटी राजधानी के सामुदायिक केन्द्रों नवल किशोर रोड हज़रत गंज, सरोजनीनगर, ऐशबाग, आलमबाग, चिनहट, इंदिरानगर, टूरियागंज,अलीगंज, सिल्वर जुब्ली सिटीस्टेशन, रेड क्रॉस कैसरबाग के अलावा चारबाग़ रेलवे स्टेशन पर लगाई गई है।जिसमें ट्रस्ट के कर्मचारी सिपाही,सक्का,माली, बाजानवज़,आदि पदों पर कार्यरत हैं।और यह सभी कर्मचारी अपनी अपनी ड्यूटी को बराबर अंजाम दे रहे हैं फ़िर भी इनकी ड्यूटी कोविद19 कोरोना वायरस में लगा दी गई।इस सम्बंध में ट्रस्ट के कर्मचारियों ने बताया कि इन लोगों ने सचिव हुसैनाबाद ट्रस्ट को एप्लिकेशन भी दी जिसमें कर्मचारियों ने हवाला देते हुए कहा कि यह सभी कर्मचारी इमामबाड़ों में ड्यूटी कर रहे हैं।जहां पर सोने चांदी के अलावा गल्लों में कैश रहता है। वहाँ की ज़िम्मेदारी भी इन कर्मचारियों की है। कोरोना महामारी में इन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाये जाने से इनके तथा इनके परिवार को भी खतरा है। फ़िर भी इनकी किसी अधिकारी ने पीड़ा नहीं सुनी।कर्मचारियों के अनुसार इन्होने अपनी पीड़ा सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा ए सी एम 2 को भी बताई ।उन्होंने भी कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए बात करने से मना कर दिया।कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना में ड्यूटी करने के लिए ट्रस्ट की तरफ़ से कोई भी अलग से पैसे या किसी तरह का भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है।हम सभी कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था का कोई भी पुख़्ता इंतज़ाम ट्रस्ट के अधिकारियों ने नहीं किया।ऐसे में अगर किसी कर्मचारी को कोई परेशानी होती है तो उसकी और उसके परिवार की ज़िम्मेदारी किसकी होगी।