विलायत के विषय पर इमामबाड़ा सैयद तकी साहब अकबरी गेट पर उशराए मोहर्रम की चौथी मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि कुरान का आदेश है कि आप अल्लाह और उसके रसूल और साहिबे अम्र कमांडिंग ऑफिसर का पालन करें और यदि कुछ भी भेदभाओ हो तो अल्लाह और उसके रसूल की ओर पलटा दो तो यहा सोचना है कि असहमति किस बात पर है! अल्लाह पर कोई असहमति नही रसूल पर कोई असहमति नही किताब पर कोई असहमति नही धर्म पर कोई नही असहमति है तो असहमति इस बात पर है कि साहिबे अम्र कौन है? तो हम पैगम्बर के कहे अनुसार अली को साहिबे अम्र मानते हैं अन्य लोग दुसरो को मानते है जबके सारी चीज अल्लाह की ओर से है इस बात पर सब सहमत है तो फिर साहिबे अम्र मंे असहमति क्योेेेेेेेेेेेेेेेेेें जबके यह आदेश भी अल्लाह का है जिसे पहुंचाने का हुक्म अल्लाह ने अपने दूत मोहम्मद साहब को दिया और पैगंबर ने अली की विलायत की घोषणा की और कहा कि यह आदेश का पालन करना है।
अंत में मौलाना ने हजरत हबीब इब्ने मजाहिर के इमाम हुसैन की मदद के लिए आने और अपनी जान कुर्बान करने का जिक्र किया!जिसे सुनकर मजलिस में उपस्थित लोगो ने सोग व्यक्त किया!
कुरान का आदेश है कि आप अल्लाह और उसके रसूल और साहिबे अम्र कमांडिंग ऑफिसर का पालन करें :मौलाना सैफ अब्बास





