लखनऊ, 24 अप्रैल 2026: भीषण गर्मी की चपेट में जूझ रहे उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला ले लिया है। लखनऊ से इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि 1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को 30 दिनों तक बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, भले ही उनका बैलेंस नेगेटिव हो। यह फैसला गर्मी के कहर से निपटने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
मंत्री जी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 1 किलोवाट वाले उपभोक्ताओं के लिए बैलेंस नेगेटिव होने पर भी बिजली सप्लाई बाधित नहीं होगी। इसी तरह, 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी—200 रुपये तक माइनस बिल होने पर कनेक्शन कटौती नहीं होगी। ऊर्जा मंत्री ने जोर देकर कहा, “कनेक्शन काटने से पहले उपभोक्ता को कम से कम 5 एसएमएस अनिवार्य रूप से भेजे जाएंगे। उपभोक्ता हित हमारी प्राथमिकता है।”
गर्मी में बड़ी राहत, सख्त निर्देश जारी
इस फैसले से लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में गर्मी की तपिश झेल रहे परिवारों को जबरदस्त राहत मिलेगी। मंत्री एके शर्मा ने बिजली कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, “भीषण गर्मी में कोई उपभोक्ता अंधेरे में न रहे, यही हमारा लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश बिजली आपूर्ति में अग्रणी राज्य है, और हम इसे बनाए रखेंगे।”
यह कदम तब आया है जब प्रदेश में तापमान 45 डिग्री को पार कर चुका है। पिछले हफ्तों में बिजली की मांग चरम पर पहुंच गई थी, लेकिन यूपी ने आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल उपभोक्ताओं को तात्कालिक राहत देगा, बल्कि बकाया वसूली को भी व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा मिलेगा।
उपभोक्ता हित सर्वोपरि: मंत्री का संकल्प
एके शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “उपभोक्ता हमारा परिवार है। गर्मी के मौसम में कनेक्शन काटना अन्याय होगा। हम बिजली चोरी रोकने और वसूली मजबूत करने के साथ-साथ सेवा को बेहतर बनाएंगे।” यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, और बिजली विभाग ने सभी जोनल ऑफिसों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश अब बिजली आपूर्ति में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है, जहां 24 घंटे बिजली की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच गई है। इस फैसले से छोटे उपभोक्ताओं को विशेष लाभ होगा, जो आर्थिक तंगी के कारण बिल समय पर जमा नहीं कर पाते।




