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राघव चड्ढा का AAP से इस्तीफा: “दो तिहाई सांसदों संग BJP में विलय करेंगे”, पार्टी पर मूल्यों से भटकने का आरोप

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नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) को आज बड़ा झटका लग गया। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी से इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि AAP के दो तिहाई सांसदों के साथ वे भाजपा में विलय करेंगे। चड्ढा ने भारी मन से यह फैसला लिया और पार्टी पर अपने मूल आदर्शों से पूरी तरह भटकने का गंभीर आरोप लगाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था। मैं AAP से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं। दो तिहाई सांसद हमारे साथ हैं, और हम भाजपा में विलय कर पार्टी को नई दिशा देंगे।” चड्ढा ने AAP पर भ्रष्टाचार, सत्ता के लालच और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अब ‘आम आदमी’ की नहीं, बल्कि ‘कुछ चुनिंदा लोगों’ की हो गई है।
घटना का पूरा विवरण: कैसे पहुंचे इस मोड़ पर?
यह घटना राघव चड्ढा के AAP से लंबे मतभेदों का नतीजा है। पिछले कुछ महीनों से वे पार्टी नेतृत्व के फैसलों से असहमत थे। दिल्ली विधानसभा चुनावों में AAP की हार के बाद चड्ढा ने कई मौकों पर आंतरिक सुधारों की मांग की थी। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर केंद्रित शासन और ED-सीबीआई छापों के बीच चुप्पी ने उन्हें और निराश किया। सूत्रों के अनुसार, चड्ढा ने पिछले हफ्ते भाजपा नेतृत्व से गुप्त मुलाकात की थी, जहां विलय का प्रस्ताव रखा गया।
आज दोपहर 2 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्ढा ने अपना इस्तीफा पत्र मीडिया को सौंपा। उन्होंने कहा, “मैंने AAP को सेवा का माध्यम बनाया था, लेकिन अब यह जनता के हितों के खिलाफ जा रही है। दो तिहाई राज्यसभा और लोकसभा सांसद हमारे विचारों से सहमत हैं। हम भाजपा के साथ मिलकर राष्ट्रहित में काम करेंगे।” चड्ढा ने AAP कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे भी ‘सच्चाई’ के रास्ते पर चलें।
AAP में हड़कंप, भाजपा की चुप्पी
AAP नेतृत्व में हड़कंप मच गया है। अरविंद केजरीवाल ने अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन पार्टी प्रवक्ता ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया। दूसरी ओर, भाजपा ने अभी चुप्पी साध रखी है, लेकिन सीनियर लीडर्स के स्रोतों का कहना है कि विलय पर विचार चल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दिल्ली और पंजाब में AAP को कमजोर कर सकता है, जबकि भाजपा को मजबूती मिलेगी।
राघव चड्ढा, जो AAP के प्रमुख प्रवक्ता और युवा चेहरे थे, अब भाजपा में एंट्री की ओर अग्रसर हैं। यह घटना विपक्षी एकता को झटका देगी। पूरा राजनीतिक परिदृश्य अब बदलने को तैयार है।

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