लखनऊ, 22 मई 2026 — समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने आज हजरतगंज चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटकर केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी के स्थानीय और प्रदेश स्तरीय नेता शामिल रहे और उन्होंने NEET परीक्षा रद्द करने, हालिया पेपर लीक मामलों की जांच, पेट्रोल‑डीजल व रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों सहित कई सार्वजनिक मुद्दों पर कड़े आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक बाधित रहा और गणमान्य स्थलों पर नारेबाजी व हंगामा जारी रहा।
प्रदर्शन का उद्देश्य और मांगें
NEET रद्द करें: सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में पारदर्शिता नहीं रही और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक भ्रष्ट्राचार व अनियमितताओं के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने परीक्षा को रद्द कर पुनः समुचित, पारदर्शी प्रक्रिया से आयोजित कराने की मांग उठाई।
पेपर लीक की निष्पक्ष जांच: पार्टी ने पेपर लीक के आरोपों की स्वायत्त और त्वरित सीबीआई/एनआईए स्तर की जांच की माँग की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ईंधन और महंगाई के खिलाफ आवाज़: प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल‑डीजल के बढ़ते दामों, घरेलू गैस और खाद्य वस्तुओं की महंगाई पर भी रोक लगाने की माँग रखी और कहा कि आम जनता को राहत देने के लिये तत्काल कदम उठाए जाएँ।
रोजगार व शिक्षा पर ध्यान: सपा ने युवा बेरोज़गारी, शैक्षिक संस्थानों में अवसरों में कमी और शिक्षा-नियमों में सुधार की भी माँगें दोहराईं।
घटनाक्रम और संगठन
निकाय व नेतृत्व: प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय सपा विधायक और वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों ने किया। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्लेकार्ड, पोस्टर और बैनर के साथ नारे लगाए, और मौके पर कई वक्तव्यों व भाषणों के माध्यम से अपनी मांगें सार्वजनिक कीं।
हंगामा और यातायात प्रभावित: हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन के कारण आसपास के मार्गों पर लंबी वाहन-लाइनें लगीं और कई बस/क्विक सर्विस रूट प्रभावित हुए। पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा रखी और मौजूद थी, मगर कुछ समय के लिये माहौल तनावपूर्ण रहा।
पुलिस‑प्रशासनिक कदम: मौके पर पूर्व चेतावनी के बाद भी जब प्रदर्शनकारी सड़क पर जमा रहे, तो प्रशासन ने शांतिपूर्वक हटने और मार्ग को मुक्त करने का आग्रह किया; कुछ नेताओं के साथ पुलिस ने बातचीत कर समस्या सुलझाने का प्रयास किया। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रिया
सपा का कहना है कि सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों को लेकर संवेदनहीन बनी हुई है और केवल चुनावी वादों तक सीमित है। पार्टी ने आगामी समय में इन मांगों को लेकर राज्यव्यापी कार्यक्रम चलाने और अन्य संगठनों के साथ गठजोड़ करने का संकेत दिया।
पास के सरकारी ऑफिसों और पार्टी विरोधियों ने प्रदर्शन को राजनीतिक रैलियों का हिस्सा करार दिया और कहा कि विकास व नीतिगत फैसलों की आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, पर हिंसा व अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा।
आगे की संभावनाएँ
सपा ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ बुलंद करने के लिए और भी बड़े कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इससे आगामी दिनों में राजधानी के कुछ प्रमुख स्थानों पर और प्रदर्शनों/धरनों की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है और संभावित आगे की रैलियों के मद्देनज़र अतिरिक्त सुरक्षा व ट्रैफिक प्रबंधन की तैयारी की सूचना दी है।
नोट: रिपोर्टिंग के समय तक NEET या पेपर‑लीक से संबंधित अधिकारियों (यूजीसी/एनटीए), पेट्रोल‑डीजल की नीति पर केंद्र/राज्य के आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं थे। खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित अधिकारियों का विवरण और हुनरबंदी‑प्रतिक्रिया लेना उपयोगी रहेगा।





