नई दिल्ली: पूरे देश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिणी राज्यों तक बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे गर्मी की चपेट में फंसे लोगों को भारी राहत मिल रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक साथ कई मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं—जिनमें उत्तर-पश्चिमी दिशा से आ रहा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, बंगाल की खाड़ी में विकसित साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ऊपरी हवाओं का बदलाव शामिल हैं। इनके असर से उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत के बड़े हिस्सों में व्यापक बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर में सुहावना मौसम, हल्की बारिश का अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज आसमान लगातार बादलों से घिरा रहेगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दोपहर या शाम के दौरान बहुत हल्की से हल्की बारिश होने के साथ गरज-चमक और 20-30 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं। अधिकतम तापमान 31-33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18-20 डिग्री के बीच रहेगा, जो सामान्य से काफी नीचे है। इस बदलाव से दिल्लीवासियों को लंबे समय से चली आ रही गर्मी से काफी राहत मिलेगी, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण शामें ठंडी हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने बाहरी गतिविधियों के दौरान छाता या रेनकोट रखने की सलाह दी है।
भारी बारिश वाले राज्य: जलभराव का खतरा
हिमाचल प्रदेश, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, केरल और आंतरिक तमिलनाडु में कई जिलों में तेज बारिश के दौर चल सकते हैं। इन क्षेत्रों में बादलों की गतिविधि चरम पर है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ने और शहरी इलाकों में जलभराव की आशंका है। हिमाचल में भूस्खलन का भी खतरा मंडरा रहा है, जबकि पूर्वी राज्यों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी कर सतर्कता बरतने को कहा है।
हल्की-मध्यम बारिश के क्षेत्र
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल), दक्षिण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं, मध्य प्रदेश के अन्य भागों, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। इन इलाकों में किसानों को फसल के लिए फायदा होगा, लेकिन यातायात बाधित हो सकता है।
विशेषज्ञ सलाह और प्रभाव
IMD के निदेशक ने बताया कि यह मौसम प्रणाली अगले 48 घंटों तक सक्रिय रहेगी, जिसके बाद धीरे-धीरे सुधार होगा। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार तो होगा, लेकिन ठंडी हवाओं से सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ सकते हैं। यात्रियों को ट्रेन-हवाई अड्डों पर देरी की संभावना को ध्यान में रखना चाहिए। मौसम विभाग ने सभी राज्यों को ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं।
यह बदलाव जलवायु परिवर्तन का संकेत भी माना जा रहा है, जहां असामान्य मौसम पैटर्न बढ़ रहे हैं। अधिक अपडेट के लिए IMD की वेबसाइट या ऐप चेक करें।
देशभर में मानसून जैसा मौसम: उत्तर से दक्षिण तक भारी बारिश का दौर, दिल्ली में गर्मी से राहत; वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोन से सक्रिय कई सिस्टम




