पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अफगानिस्तान की शांति के लिए पाकिस्तान और चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती और अफगानिस्तान में स्थिरता को जरूरी बताया है। हालांकि अपने इस बयान में उन्होंने भारत का कोई जिक्र नहीं किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि हम तीनों को मिलकर ये देखना होगा कि हम इन हालातों में साथ मिलकर कैसे इस काम को अंजाम दे सकते हैं और अपने साझा लक्ष्यों को कैसे साध सकते हैं। अफगानिस्तान में शांति बहाली के लिए उन्होने वहां पर राजनीतिक स्थिरता को भी जरूरी बताया है। ये बयान उन्होंने चीन-अफगानिस्तान और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों चौथे संवाद कार्यक्रम के दौरान दिया है।
अपने इस बयान के बाद उन्होंने इस बैठक को लेकर एक ट्वीट भी किया है जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान हमेशा से ही चीन और अफगानिस्तान के साथ मजबूत संबंधों का हिमायती रहा है। इसके अलावा द्विपक्षीय संबंध और यहां की शांति बहाली के इस पूरे क्षेत्र के लिए खासी मायने रखती है। इस बैठक का यही मकसद भी है। कुरैशी ने इस ट्वीट में लिखा है कि हम तीनों देशों के आर्थिक विकास के लिए शांति, समृद्धि और सहयोग में विश्वास रखते हैं।