रूस ने यूक्रेन के साथ सीजफायर की पहल को एक बार फिर ठुकरा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीजफायर कराने की कोशिश की थी, लेकिन पुतिन ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। ट्रंप ने पुतिन से कई बार बात की, लेकिन पुतिन ने यूक्रेन पर हमले और तेज कर दिए।
*सीजफायर की पहल की विफलता के कारण:*
– *पुतिन का आक्रामक रुख*: पुतिन ने ट्रंप की बातों को नजरअंदाज किया और यूक्रेन पर हमले जारी रखे।
– *पश्चिमी देशों की कमजोरी*: पुतिन जानते हैं कि पश्चिमी देश थक चुके हैं और ज्यादा सैन्य सहयोग नहीं दे सकते।
– *ट्रंप की छवि*: रूसी रणनीतिकारों की नजर में ट्रंप की सबसे बड़ी कमजोरी है उनका अतिआत्मविश्वास और सनसनीखेज बयानबाजी ¹।
*अगले कदम:*
– *यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की भूमिका*: जेलेंस्की ने पुतिन को आमने-सामने मुलाकात की चुनौती दी है, लेकिन पुतिन ने शांति वार्ता में खुद शिरकत करने से परहेज किया।
– *NATO देशों की नाराजगी*: कई यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों ने रूस की गंभीरता पर सवाल उठाए और चेताया कि अगर रूस ने रुख नहीं बदला, तो उस पर “भीषण प्रतिबंध” लगाए जाएंगे ²।





