वॉशिंगटन/यरुशलम। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को साफ संदेश दिया है कि युद्धविराम को लेकर बनी सहमति पर तुरंत अमल किया जाए। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ट्रंप की यह सख्त टिप्पणी ऐसे समय आई है जब गाजा और आसपास के इलाकों में हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं ��.
रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ बातचीत में सीजफायर फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाने पर जोर दिया और इज़राइल से अपेक्षा की कि वह तय शर्तों के अनुसार संघर्ष को आगे न बढ़ाए ��. अमेरिकी पक्ष की कोशिश है कि बंधकों की रिहाई, सैन्य कार्रवाई में कमी और मानवीय राहत के रास्ते को मजबूत किया जाए ��.
बातचीत का मकसद
सूत्रों के अनुसार ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य गाजा में चल रही लड़ाई को रोकने के लिए एक स्थायी राजनीतिक रास्ता तैयार करना है ��. इसी कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ने इज़राइली नेतृत्व पर दबाव बढ़ाया है कि वह युद्धविराम के नियमों का पालन करे और किसी भी तरह की नई सैन्य कार्रवाई से बचे ��.
रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि ट्रंप ने पहले भी इज़राइल से जुड़े तनावपूर्ण हालात में कड़ा रुख अपनाया है। जून 2025 में ईरान-इज़राइल संघर्षविराम के दौरान भी उन्होंने इज़राइल को हमले रोकने की चेतावनी दी थी ��. इससे साफ है कि ट्रंप मध्य पूर्व में अपने दबावपूर्ण कूटनीतिक रवैये के लिए जाने जा रहे हैं ��.
नेतन्याहू की भूमिका
बेंजामिन नेतन्याहू ने वॉशिंगटन रवाना होने से पहले कहा था कि उन्हें उम्मीद है ट्रंप की मध्यस्थता गाजा में सीजफायर की दिशा में मदद करेगी �. इज़राइली नेतृत्व का दावा है कि उसका मुख्य उद्देश्य बंधकों की वापसी और हमास के खतरे को खत्म करना है �.
हालांकि, अमेरिका चाहता है कि ये लक्ष्य किसी व्यापक युद्धविराम ढांचे के भीतर पूरे हों, ताकि क्षेत्र में आगे का तनाव कम किया जा सके ��.
क्षेत्रीय असर
गाजा में युद्धविराम की कोशिश केवल इज़राइल और हमास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ सकता है ��. अगर सहमति पर अमल होता है, तो मानवीय मदद के रास्ते खुल सकते हैं और बंधक संकट में कुछ राहत मिल सकती है ��. लेकिन अगर किसी भी पक्ष ने शर्तों का उल्लंघन किया, तो हालात फिर तेजी से बिगड़ सकते हैं ��.
ट्रंप की नेतन्याहू को हिदायत: सीजफायर पर तुरंत अमल करें




