मुस्लिम समुदाय के दाऊदी बोरा का प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और नए वक्फ कानून के लिए बधाई दी। उनका मानना है कि इस कानून से गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर मुसलमानों का उत्थान होगा।
वक्फ एक इस्लामिक कानून है जिसमें संपत्ति को धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए स्थायी रूप से समर्पित किया जाता है। वक्फ अधिनियम, 1954 के अनुसार, यह किसी भी चल या अचल संपत्ति का स्थायी समर्पण है जो मुस्लिम विधि द्वारा पुनीत, धार्मिक या धर्मार्थ के रूप में मान्यता प्राप्त किसी भी उद्देश्य के लिए किया जाता है।
*वक्फ की विशेषताएं:*
– *शाश्वतता*: वक्फ में संपत्ति स्थायी रूप से व्यवस्थित की जाती है ताकि उसका लाभ हमेशा अनिश्चित काल के लिए उपलब्ध रहे।
– *अपरिवर्तनीयता*: एक बार बन जाने के बाद, वक्फ को रद्द नहीं किया जा सकता है।
– *अहस्तांतरणीयता*: वक्फ संपत्ति को बेचा, हस्तांतरित या विल्लंगमित नहीं किया जा सकता है।
– *पुनीत या धर्मार्थ उपयोग*: वक्फ संपत्ति का उपयोग केवल पुनीत और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है ¹।





