वक्फ संशोधन बिल 2024, जिसे हाल ही में लोकसभा और राज्यसभा में पारित किया गया, के खिलाफ आज, 4 अप्रैल 2025 को जुम्मे की नमाज के बाद देश के कई शहरों में जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। यह बिल, जो वक्फ अधिनियम 1995 में संशोधन करता है, गुरुवार देर रात राज्यसभा में 128 सांसदों के समर्थन और 95 के विरोध के साथ पास हुआ था, जबकि इससे पहले बुधवार को लोकसभा में इसे 288 वोटों के पक्ष और 232 वोटों के विरोध में मंजूरी मिली थी।
प्रदर्शनकारी, खासकर मुस्लिम समुदाय के लोग, इस बिल को वक्फ संपत्तियों की स्वायत्तता और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और अन्य संगठनों ने इसे “मुस्लिम विरोधी” करार देते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। आज दिल्ली, मऊ, भोपाल, जामिया मिल्लिया इस्लामिया सहित कई स्थानों पर लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। मऊ में पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में कड़े इंतजाम किए और रूट मार्च निकाला, क्योंकि वहां प्रदर्शन की आशंका थी।
विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह बिल वक्फ बोर्ड की शक्तियों को कमजोर करता है और सरकारी हस्तक्षेप को बढ़ाता है, जिससे ऐतिहासिक रूप से धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित संपत्तियों पर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए है।
आज के प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर नारेबाजी हुई और बिल को वापस लेने की मांग उठी। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। यह विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा, और आने वाले दिनों में इसके खिलाफ और बड़े आंदोलन की संभावना जताई जा रही है।
वक़्फ़ संशोधन बिल के खिलाफ देश के कई शहरों में जबरदस्त प्रदर्शन




