छोटे लोहिया स्वर्गीय जनेश्वर मिश्रा मेरी 3 मुलाकातों को यादगार पल,
समाजवादी विचारक स्वर्गीय जनेश्वर मिश्रा का जन्म 4 अगस्त को उत्तर प्रदेश की बलिया जिले में हुआ,आपके पिता स्वर्गीय रंजन मिश्रा एक किसान थे,
आप ने ज़िले मे बेसिक शिक्षा में प्राप्त करने के बाद आपने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का रुख किया, जहां ने आपने छात्रों की समस्या को सड़क से सदन तक पहुंचा, इस यूनिवर्सिटी में आप एक बार महामंत्री एवं अध्यक्ष रहे, छात्र राजनीति के समय से ही, डॉ राम मनोहर लोहिया समाजवादी विचारक से बहुत प्रभावित थे,उन्होंने उनकी पार्टी सोशलिस्ट पार्टी में शामिल हुए व डॉक्टर लोहिया के विचारों को छात्रों व देश की जनता तक पहुंचाने का काम करने लगे, इसी वजह से वो छोटे लोहिया कहलाए, मेरी उनसे पहली मुलाकात समाजवादी पार्टी के प्रथम अधिवेशन एवं कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर मसूरी राजपुरा में दो मर्तबा हुई,जब आप इस अधिवेशन में भाषण देते थे, उसके बाद हम और हमारे कुछ मित्र मसूरी क्लासिक होटल में जाकर उनसे और बातों की जानकारी हासिल करते थे,अपने भाषणों में वो बहुत कहते थे
के डॉक्टर लोहिया कहते थे, अपना हक़ छीना पड़ता है, मिलता नहीं,
उनके और सपा संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के भाषणों से मै इतना प्रभावित हुआ, कि मै काफी समय तक समाजवादी पार्टी से लगा रहा, मेरी तीसरी भेंट उनसे तब हुईं, जब वो समाजवादी पार्टी समर्थन की कांग्रेस सरकार में पेट्रोलियम मंत्री बने, और लखनऊ आ.कर VVIP गेस्ट हाउस डाली बाग में रुके, मै जब उनके दर्शन करने गया तो वहां पूर्व मंत्री पूर्व सांसद स्वर्ग भगवती सिंह मौजूद थे, उन्होंने देखते ही मुस्कुराते हुए कहा की कार्यकर्ताओं में तुम्हारा बहुत विरोध है,
मैंने उनसे कहा छोटे लोहिया जी आप खुद आपने भाषणों में कहते हैं कि विरोध तो ज़िंदो का होता है,मर्दों का नहीं,
ये मेरी उनसे आखिरी मुलाकात थी,
लेकिन मुझ पर उनका बहुत एहसान है कि उन जैसी शख्सियत ने मुझे अपने इतनी कीमती जिंदगी में से चंद मिनट दिए,जो मेरी जिंदगी में नींव का पत्थर साबित होता है,
ईश्वर उनको स्वर्ग में जगह दे और उनके विचारों से हिंदुस्तान की जनता फायदा उठाती रहे, और देश तरक्की करें
फ्रीलांसर
शाबू ज़ैदी
7617032768





