विलायत के विषय पर इमामबाड़ा सैयद तकी साहिब अकबरी गेट पर अषर,े मोहर्रम की दूसरी मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि अगर हमारे पैगंबर ने गदीर मे वली को पहचनवाया तो क्या नया चेहरा था जो लोग नहीं जानते थे! वे सभी जानते थे कि उन्होंने हर तरह से हमारी जान बचाई। हर जगह अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ वह इसलाम की मदद करते रहे हैं! लेकिन फिर भी लोगों ने अली अ स की विलायत छोड़ दी और केवल कुरान के साथ अपना संतोष व्यक्त किया। आज अगर मुसलमानो ने पैगंबर की घोषणा का पालन किया होता तो मुसलमानो के बीच कोई विभाजन नहीं होता। अगर मुसलमानो को गदीर के दिन से कुरान से जोड़ा गया होता तो सभी मुसलमान एक ही रास्ते पर होते और इसमें कोई अंतर नहीं होता। यही कारण है कि पैगम्बर ने दुनिया छोड़ने से पहले उम्मत के बीच दो चीजें छोड़ दीं एक कुरान और दूसरी अहलेबैत और उन्होंने यह भी कहा यदि आप इसके बारे में सचेत हैं तो आप कभी भी गुमराह नहीं होंगे। अब अगर गुमराही से बचना है तो विलायत को भी स्वीकार करना होगा।
अंत में मौलाना ने अहले -हरम के कर्बला आने और खयामे हुसैनी को फुरात से हटाने का उल्लेख किया। जिसे सुनकर अजादारो ने गिरया व मातम किया!
पैगंबर ने ग़दीर मे वली को पहचनवाया ;मौलाना सैफ अब्बास





