लेबनान में इजरायली सेना के सीमा से करीब 10 किलोमीटर अंदर तक पहुंचने की खबर ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी नई तैनाती रेखा तय की है और हिजबुल्लाह के ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया है।
पूरा समाचार
दक्षिणी लेबनान से सामने आई ताजा रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायली सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के भीतर लगभग 5 से 10 किलोमीटर तक अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। जारी किए गए सैन्य नक्शे में कई लेबनानी गांव इजरायली नियंत्रण या निगरानी क्षेत्र में दिखाए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर डर और विस्थापन की स्थिति बनी हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल इस इलाके में एक बफर जोन बनाना चाहता है। इसी कारण कई गांव खाली कराए गए हैं और दक्षिणी लेबनान में सैन्य गश्त और चौकसी बढ़ा दी गई है। लेबनानी पक्ष इसे संप्रभुता का उल्लंघन और जमीन पर कब्जे की कोशिश बता रहा है।
यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्षविराम को लेकर पहले ही सवाल उठ रहे थे। नई रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायली सेना ने सीजफायर के बावजूद दक्षिणी लेबनान में कार्रवाई जारी रखी और हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया।
सीजफायर पर सवाल
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि संघर्षविराम के बावजूद इजरायली कार्रवाई पूरी तरह रुकी नहीं। ईरान की ओर से भी यह आरोप लगाया गया कि इजरायल ने सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसी कारण यह मामला अब सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक विवाद भी बन गया है।
हिजबुल्लाह पर दाव
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने हिजबुल्लाह के कई ठिकानों, लॉन्च पैड्स और सैन्य ढांचे को नष्ट कर दिया है। इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान में उसकी जमीन पर मौजूदगी को सुरक्षा जरूरत बताया जा रहा है।
पृष्ठभूमि
2024 के अंत से दक्षिणी लेबनान में लगातार सैन्य झड़पें और हवाई हमले होते रहे हैं। हाल के महीनों में इजरायली सेना की कार्रवाई और बढ़ी तैनाती ने सीमा क्षेत्र को फिर से अस्थिर बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अस्थायी सुरक्षा रणनीति भी हो सकता है और स्थायी बफर जोन बनाने की तैयारी भी।
क्षेत्रीय असर
इस तनाव का असर सिर्फ लेबनान तक सीमित नहीं है। पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ सकती है, खासकर तब जब पहले से कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है। नागरिकों के विस्थापन, संपत्ति के नुकसान और सीमा पार झड़पों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
अभी की स्थित
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में नई तैनाती रेखा दिखाई है।
सीमा के भीतर 5 से 10 किलोमीटर तक मौजूदगी का दावा किया गया है।
कई लेबनानी गांव खाली कराए गए हैं।
इजरायल ने हिजबुल्लाह ठिकाने नष्ट करने का दावा किया है।
सीजफायर उल्लंघन को लेकर विवाद तेज हो गया है।





