नवाबों के शहर लखनऊ में ऐतिहासिक इमारतों की दुर्दशा।लखनऊ की शान अवध की पहचान हुसैनाबाद का बड़ा इमामबाड़ा छोटा इमामबाड़ा व भूलभुलैया,सतखंडा, इसी के साथ छोटे इमामबाड़े के पास पूरब पश्चिम गेट जिसकी खस्ता हालत देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह कभी भी ज़मीदोष हो सकता है प्रशासन इस पर ज़रा भी ध्यान नही दे रहा है।जबकि यह हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्ति है और ट्रस्ट के पास पैसे की कोई कमी नही है उसके बावजूद इसके कोई पुरसने हाल नही है ,इसी का लाभ उठाते हुवे इसी गेट के बग़ल में अशफ़ाक़ का होटल है यह भी ट्रस्ट की संपत्ति पर है उसने भी काफी अतिक्रमण कर रख्खा है।और इस गेट की खूबसूरती पर दाग की तरह है। हुसैनाबाद ट्रस्ट /प्रशासन को तुरंत होटल और आस पास के अतिक्रमण को हटा कर इसको सुरक्षित करना चाहिए।नही तो बहोत जल्दी इसकी हालत भी सिब्तेनाबाद इमाम ब।ड़े के गेट जैसी होगी।और नवाबों का शहर अपनी इस दुर्दशा पर सिर्फ आंसू बहायेगा।