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सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली की छोटी कहानी

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भारतीय क्रिकेट में बहुत कम ही ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो स्कूल क्रिकेट से शुरुआत कर इंटरनेशनल लेवल पर भी साथ खेले हों, लेकिन पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली और महान सचिन तेंदुलकर की जोड़ी के साथ ऐसा हुआ है। इन दोनों ही खिलाड़ियों शुरुआती समय में अपने खेल से खूब धमाल मचाया और एहसास करा दिया कि एक दिन वह भारत के लिए खेलेंगे।

आखिर में ऐसा ही हुआ, सचिन ने जहां साल 1989 में इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना डेब्यू किया तो कांबली ने 1991 में भारत के लिए अपनी शुरुआत की, लेकिन इससे पहले ही कांबली और सचिन स्टार बन चुके थे।

वजह थी हैरिश शिल्ड ट्रॉफी में उन दोनों के बीच हुई 664 रनों की विशाल साझेदारी। आज ठीक 33 साल पहले इन दोनों खिलाड़ियों ने इतिहास रचा था। कांबली ने इस खास मौके को याद कर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर लिखा कि, ‘यह पल मेरे लिए काफी खास था। यहीं वह पारी थी जिससे लोग हमारे बारे में जानने लगे थे।’

साल 1988 में इन दोनों जोड़ीदारों ने तब 664 रन की वह ऐतिहासिक पारी खेलकर अपने-अपने तिहरे शतक बनाए थे।

#अंतराष्ट्रीय_करियर।
टेस्ट क्रिकेट में काम्बली ने भारत के लिए 54.24 की औसत से 1084 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उन्होंने 4 शतक और तीन अर्द्धशतकीय पारी खेली। वहीं वनडे में उन्होंने 32.59 की औसत से 2477 रन बनाए।

वनडे क्रिकेट में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए मशहूर कांबली ने 14 अर्द्धशतक और 2 शतकीय पारी खेली।

वहीं सचिन की बात करें तो उन्होंने अपने करियर में 664 इंटरनेशनल मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 34,357 रन बनाए और इस दौरान उन्होंने कुल 100 शतक लगाए।

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