समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विरोधी दल श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर वाराणसी के ब्लॉक सेवापुरी के परमपुर गांव में समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजपाल कश्यप द्वारा प्रदेशव्यापी ’जातीय जनगणना’ संगोष्ठी कार्यक्रम की शुरुआत जनपद वाराणसी से की गई।
मुख्य रूप से संगोष्ठी के विषय ’जातीय जनगणना’ पर जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ राजपाल कश्यप ने कहा कि देश व प्रदेश में पिछड़े, वंचित समाज का भला या उनको अधिकार कैसे प्राप्त हो सकता है जब जातियों के लोगों की कितनी संख्या है ये ही नहीं पता हो। भाजपा सरकार विपक्ष में रहते समय जातीय जनगणना कराने का भरोसा देती है और सरकार बनते ही जातीय जनगणना को भूल जाती है 1931 की जनगणना के आधार पर ओबीसी की संख्या 52 प्रतिशत मानते हुए मंडल आयोग की आरक्षण सहित अन्य संतुति की थी स्वयं मंडल आयोग ने जाति जनगणना की आवश्यकता पर बल दिया था वही आरक्षण को समाज और देश हित में सही तरीके से लागू करने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा कई बार जातियों के आंकड़ों की मांग की गई।
संगोष्ठी में पूर्व मंत्री सर्वश्री सुरेंद्र पटेल चौधरी, लालता प्रसाद निषाद पूर्व विधायक, वर्तमान जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़, निवर्तमान महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा, जिला महासचिव आनंद मौर्या, ओपी पटेल अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ कन्हैया राजभर, पप्पू उदल पटेल, पाखंडी बिंद, करीम उल्लाह अंसारी, इकबाल अंसारी, राजनाथ पाल, विवेक यादव, मनीष सिंह, राहुल राजभर, सचिन प्रजापति, कमलाकांत प्रजापति, बाबू लाल यादव, विधानसभा अध्यक्ष शीतला यादव, पंधारी यादव एडवोकेट आदि शामिल रहे।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
सुप्रीम कोर्ट द्वारा कई बार जातियों के आंकड़ों की मांग की यादें तो क्या: राजपाल कश्यप





