लखनऊ 12 दिसंबर 2021। भाजपा सरकार संविधान के मूल तत्वों को बदलने का माहौल तैयार कर रही है। सपा और बसपा इस मुद्दे पर चुप हैं। सिर्फ़ कांग्रेस ही संविधान को बचा सकती है।
अल्पसंख्यक कांग्रेस के स्पीक अप माइनोरिटी कार्यक्रम ‘भाजपा संविधान को क्यों बदलना चाहती है’ में आज वक्ताओं ने ये बात कही। हर रविवार को फेस बुक लाइव के ज़रिये होने वाले कार्यक्रम की 25 वीं कड़ी थी।
अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा अपने सांसदों से राज्य सभा में संविधान से समाजवाद और धर्म निरपेक्ष शब्द हटाने के लिए प्राइवेट मेम्बर बिल का प्रस्ताव दिलवा रही है। इसी के तहत पिछले साल जून में राकेश सिन्हा ने और इस महीने 3 दिसंबर को के जे अल्फोंस के ज़रिये संविधान संशोधन का प्रस्ताव लाया गया। वहीं जम्मू कश्मीर के चीफ जस्टिस पंकज मित्तल ने भी 8 दिसंबर को बोल दिया कि संविधान में धर्म निरपेक्ष शब्द नहीं रहना चाहिए। लेकिन आज तक उनके खिलाफ़ कोई कार्यवाई नहीं हुई और ना ही कांग्रेस के अलावा कोई पार्टी इसकी मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी सरकार ने 1976 में संविधान में समाजवाद और पंथ निरपेक्ष शब्द जोड़ कर गरीबों और अल्पसंख्यक वर्गों को जो अधिकार दिये थे भाजपा उन्हें वापस छीनना चाहती है।
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि इस मुद्दे पर सपा और बसपा की खामोशी साबित करती है कि वो भी संविधान बदलने की भाजपा की इस साजिश में शामिल हैं। ये दोनों पार्टियां सीएए-एनआरसी की तरह ही संसद में वोटिंग के समय या तो भाग जाएंगी या समर्थन कर देंगी।