.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान के बीच नाटो सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका को उनकी मदद की न तो कोई जरूरत है और न ही कोई इच्छा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर स्पष्ट किया, “हमें उनकी कभी जरूरत थी ही नहीं।”
ईरान युद्ध में नाटो की अनिच्छाट्रंप ने दावा किया कि नाटो के कई यूरोपीय देश ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल ऑपरेशन में शामिल नहीं होना चाहते। उन्होंने कहा कि अमेरिका अकेले ही ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस को तबाह कर चुका है, जिसमें कई शीर्ष कमांडर भी निष्क्रिय हो गए। ट्रंप ने इसे नाटो की “वन-वे स्ट्रीट” व्यवस्था का प्रमाण बताया, जहां अमेरिका अरबों डॉलर खर्च करता है लेकिन सहयोग नहीं मिलता। अन्य सहयोगियों पर भी तंजट्रंप ने न केवल नाटो बल्कि जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया का भी जिक्र किया, कहते हुए कि अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है और अकेले लक्ष्य हासिल कर सकता है। होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए सहयोगी warships भेजने से इनकार पर उन्होंने भड़ास निकाली। यह बयान पश्चिम एशिया तनाव के बीच आया, जहां ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा बताया गया।
ट्रंप का नाटो पर तीखा प्रहार: “अब कोई जरूरत नहीं”





