Home / उत्तर प्रदेश / *हुसैनाबाद ट्रस्ट की सालाना आमदनी का 50% गरीब लड़कियों की शादी और बच्चों की शिक्षा पर खर्च हो*

*हुसैनाबाद ट्रस्ट की सालाना आमदनी का 50% गरीब लड़कियों की शादी और बच्चों की शिक्षा पर खर्च हो*

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लखनऊ 30 अक्टूबर 2025 शिया चांद कमेटी के अधयक्ष मौलाना सै0 सैफ अब्बास नकवी ने लखनऊ के ज़िला अधिकारी एवं हुसैनाबाद ट्रस्ट के चेयरमैन से मुलाकात कर ट्रस्ट मे हो रहे भरस्टाचार के विरूद्व कार्यवाई करने की मांग की-
मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि हुसैनाबाद ट्रस्ट जो शिया समुदाय के लिए धार्मिक ट्रस्ट है जिसको शहाने अवध ने शिया समुदाय वा समाज की फलाह वा बहबूदी के लिए बनाया था क्योंकी आप हुसैनबाद ट्रस्ट के चेयरमैन है इसलिए शिया धर्मगुरु व शिया समुदाय की आपसे निम्लिखित मांग करता है।
 1. शिया समुदाय कभी भी जनहित के कार्य का विरोध नहीं करता है इसलिए अगर नींबू पार्क के पास जो जमीन रोड चैड़ी करने के लिए ली जारी है उसके एवज में वहाँ पर दुकाने बनाकर शिया समुदाय को दी जाऐं तथा पूर्व मे सुल्तानुल मदारिस की जमीन रोड चैड़ी करने के लिए जो ली गए थी उसके एवज में दुकाने बनाकर शिया समुदाय को देने का वादा किया गया था तथा उस वादे को भी अंजाम दिया जाए और जिन शिया समुदाय के लोंगों के विरूद्व मुकदमे है उनको वापस लिया जाए।
2. श्री मोहम्मद हैदर एडवोकेट द्वारा कोर्ट से हुसैनाबाद के दोनों गेटों के निर्माण का जो ऑर्डर कराया गया था उसके अंतर्गत दोनों गेटों का निर्माण कार्य को तुरंत पूरा कराया जाए।
3. छोटा इमामबाड़ा एवं बड़ा इमामबाड़ा धार्मिक स्थल है जहां पर सभी समुदाय के लोगों की  आस्था है लेकिन कुछ सालो से बराबर अश्लील तरीखे के वीडियो बनाने का कार्य सामने आया है जिससे सभी समुदाय के लोगो की आस्था को ठेस पहुचती है लिहाजा तुरंत ऐसे कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जाए और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।
4. हुसैनाबाद ट्रस्ट की करबला मलिका आफाक स्तिथ डालीगंज (गार वाली करबला) में बहुत बड़ी जमीन है जिसपर शिया समुदाय के लोगो को 300-300 वर्ग फीट जमीन देकर किराया दार बनाकर बसाया जाए ।
5. हुसैनाबाद ट्रस्ट गरीब विधवा एवं अनाथ लोगो की मदद के लिए बनाया गया था लिहाजा हुसैनाबाद ट्रस्ट की सालाना आमदनी का 50 प्रतिशत आय को शिया समाज की गरीब लड़कियो की शादी एवं गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए खर्च करने का आदेश पारित करे।
बैठक मे मोैलाना सैफ अब्बास के साथ मौलाना अफजल हुसैन, जनबा ज़ुलकिफल रिज़वी और जनबा साजिब अब्बास आदि मौजूद थे।

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