आज 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रैलियों में एनडीए और महागठबंधन दोनों पक्षों ने जोरदार प्रचार किया।
एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुजफ्फरपुर और छपरा (चपरा) में दो जनसभाओं को संबोधित किया।
मुजफ्फरपुर रैली में मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में दो ‘स्वयंभू युवराज’ (राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का इशारा) घोटालों में जमानत पर घूम रहे हैं,
झूठे वादे कर रहे हैं और दलित-पिछड़ों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने छठ महापर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा दिलाने का प्रयास बतााया और कांग्रेस-राजद पर छठ पूजा को ‘ड्रामा-नौटंकी’ कहने का आरोप लगाया, पूछा कि क्या बिहार की जनता इसका अपमान बर्दाश्त करेगी। छपरा रैली में मोदी ने कांग्रेस पर साजिश रचने का आरोप लगाया कि वे राजद को नुकसान पहुंचाने के लिए बिहार-विरोधी लोगों को चुनाव प्रचार में ला रहे हैं, जिससे राजद-कांग्रेस में दरार बढ़ रही है। उन्होंने पंजाब के कांग्रेस CM के बिहारियों के खिलाफ बयान का भी जिक्र किया।
गृहमंत्री अमित शाह ने तारापुर में रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर छठ मइया का अपमान करने का आरोप लगाया, कहा कि राहुल ने छठ को ‘ड्रामा’ कहा जो बिहार की संस्कृति का अपमान है, जनता चुनाव में जवाब देगी। उन्होंने कांग्रेस के मोदी जी के खिलाफ अपशब्दों का भी जिक्र किया।
महागठबंधन की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नालंदा में रैली संबोधित की, जहां उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसा कि वोट के लिए मोदी कुछ भी कर सकते हैं, यहां तक कि स्टेज पर नाच भी लें। कल के संयुक्त रैली के बाद आज भी प्रचार तेज। तेजस्वी यादव ने दरभंगा में मुकेश सहनी के साथ जनसभा की।
प्रशांत किशोर (जन सुराज) ने मधेपुरा और अररिया में रैलियां कीं, जहां उन्होंने भाजपा और राजद दोनों पर निशाना साधा, बिहार की समस्याओं पर फोकस किया।
नीतीश कुमार ने बेगूसराय में रैली की, कहा कि 2005 से पहले बिहार में भय, अपराध और भ्रष्टाचार का राज था, अब विकास हो रहा है।कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई, हालांकि मुजफ्फरपुर रैली के बाद कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में एनडीए के खिलाफ जनाक्रोश का दावा किया गया, लेकिन कोई हिंसा या बड़ा हादसा रिपोर्ट नहीं। कुल मिलाकर प्रचार शांतिपूर्ण रहा, दोनों पक्षों में भीड़ का उत्साह दिखा। चुनाव का पहला चरण नजदीक आने से सरगर्मी तेज।





