कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से राज्य के सभी सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों में आरएसएस की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरएसएस की विचारधारा भारत की एकता और धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों के खिलाफ है और इसके कार्यक्रमों से बच्चों और युवाओं के मन में नकारात्मक विचार भरे जा रहे हैं।
*मुख्य बिंदु:*
– *प्रियांक खरगे की मांग*: आरएसएस की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए, चाहे वह शाखा, सांघिक या बैठक के नाम से हो।
– *सरकारी स्कूल और सार्वजनिक स्थल*: प्रतिबंध सरकारी स्कूलों, सार्वजनिक खेल के मैदानों, पार्कों, मुजराई विभाग के मंदिरों, पुरातत्व विभाग की देखरेख वाली जगहों और अन्य सभी सरकारी परिसरों पर लागू होना चाहिए।
– *आरएसएस की विचारधारा*: प्रियांक खरगे ने आरएसएस की विचारधारा को भारत की एकता और धर्मनिरपेक्ष ढांचे के आदर्शों के विपरीत बताया है।
– *भाजपा की प्रतिक्रिया*: कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने प्रियांक खरगे के पत्र को नाटक बताया है और कहा है कि कांग्रेस की सरकारों ने पहले भी आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी, लेकिन वे असफल रही हैं ¹ ².


