22 रजब को कुंडे मनाया जाता है और इस दिन इमाम जाफ़र अल-सादिक की नियाज़ की जाती है,
क्योंकि इमाम जाफ़र अल-सादिक पैगंबर मुहम्मद के छठे इमाम थे. ऐसा माना जाता है कि इमाम जाफ़र अल-सादिक से नज़र करके अल्लाह की कृपा मिलती है.
इमाम जाफ़र अल-सादिक के बारे में ज़्यादा जानकारी:
- इमाम जाफ़र अल-सादिक का जन्म 699/700 या 702/703 में मदीना (अब सऊदी अरब में) में हुआ था.
- उनका निधन 765 में मदीना में हुआ था.
- वे इस्लाम की शिया शाखा और सभी शिया संप्रदायों के लिए इमाम थे.
कुंडे के बारे में कुछ जानकारी:
- कुंडे, रजब के 22वें दिन शिया और सूफी मुसलमान लोग मनाते हैं.
- कुंडे, मीठी टिकिया बनाकर इमाम जाफर सादिक की नजर होती है इसके बाद मीठी टिकिया खाकर लोग अल्लाह से अहलेबैत का अल्लाह को वास्ता देकर दुआ मांगते हैं मुराद पूरी होने पर उसे फिर इसी दिन कुंडे की नजर दिलाना पड़ती है
- इस दिन अल्लाह और अहलुल बैत पर चर्चा की जाती है.
- इस दिन सुन्नी-सूफ़ी समुदाय के बीच प्रेम और करुणा के संबंध मज़बूत किए जाते हैं



