ई दिल्ली में चौथे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा
अमित शाह ने कहा कि हिंदी किसी भाषा का विरोध नहीं करती,
बल्कि यह हमारी संस्कृति और विरासत का हिस्सा है। वह नई दिल्ली में चौथे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी भाषा के विकास और प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है। अमित शाह ने जोर देकर कहा कि हिंदी को राष्ट्रीय भाषा के रूप में प्रगति और विस्तार मिलना चाहिए।
*हिंदी के विकास के लिए सरकार की पहलें:*
– *हिंदी शब्दसिंधु शब्दकोश*: एक व्यापक हिंदी शब्दकोश बनाने की योजना, जिसका लक्ष्य पांच वर्षों के भीतर विश्व का सबसे विस्तृत शब्दकोश बनना है।
– *भारतीय भाषा अनुभाग*: इस पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी और अनुवाद के माध्यम से भारतीय भाषाओं को मजबूत बनाना है।
– *आधिकारिक भाषा सम्मेलन*: देशभर में आयोजित किए गए सम्मेलन हिंदी को एक आधिकारिक भाषा के रूप में समझने और उसकी महत्ता को बढ़ाने के लिए आयोजित किए जाते हैं ¹।




