हम शहीदों को कभी मुर्दा नहीं कहते अनीस
रिज़्क़ जन्नत में मिले शान यहां बाक़ी रहे:अनीस अंसारी
हिज़बुल्ला का अर्थ,ईश्वर अल्लाह गॉड की पार्टी,समूह
जिन लोगों ने इस पार्टी,समूह का नाम हिज़बुल्ला रखा उसका मकसद शायद ये था कि दुनिया में वो लोग एक जगह जमा हो जाए,जो लोग अल्लाह ईश्वर,गॉड के धर्म के लिए अधर्म से लड़ना चाहते हैं,
इसमें वो लोग होंगे जो शहीद,अमर होना उनकी पहली पसंद हो,
शायद उन लोगों ने ये भी सोचा होगा कि हर आसमानी पुस्तक के अनुसार दुनिया के खत्म होने से पहले वो रब किसी न किसी को धर्म की रक्षा के लिए भेजेगा,
तो हम उनके लिए ऐसे लोगों को तैयार करें,
जो ऊपर वाले के कहने पर अपनी तलवार से अपनी गर्दन को धड़ से अलग करने में कोई संकोच न करें,
हम सब अच्छी तरीके से जानते हैं कि हिज़बुल्ला का एक-एक सदस्य अधर्मियों से लड़ते हुए अपनी जान देता चला आ रहा है,इसी बीच हिसबुल्ला प्रमुख हसन नसरुल्लाह भी शहीद कर दिया गया,
हसन का अर्थ सुंदर अच्छी दिखने वाला
नसरुल्ला का अर्थ
अल्लाह की मदद से जीतने वाला
अल्लाह की सहायता से विजय होने वाला है
अल्लाह की शक्ति से समर्थ होने वाला है,व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से मालूम हुआ के कुछ समय पूर्व हसन नसरुल्लाह ने कहा था कि अधर्मियों ने मुझे ऐसे दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है की या तो मैं शहीद हो जाऊं या फररार हो जाऊं तो मैं.शहीद होना चाहूंगा, और उनकी मुराद पूरी हुई बेशक जो वह लोग हैं जो प्रोफेट मोहम्मद के दामाद हजरत अली से मोहब्बत करने वाले जब आप को कूफे की मस्जिद मे नमाज़ के दौरान तलवार सर पर मारी गई,
तो आपने कहा रब्बुल काबा की मै कामयाब हो गया, और आप शहीद हो गए,
इसी तरीके से उनके बेटे हसन- हुसैन भी शहीद किए गए,तो उनसे मोहब्बत करने वाले वो लोग घर में बैठकर अधर्म को बढ़ते. क्या देख सकते हैं, उसको रोकने के लिए अपनी शहादत जरूर पेश करेंगे जो लोग आज ग़जा, फिलिस्तीन लेबनान मे बच्चों, महिलाओं, जवानों और बुजुर्गों को निर्दोष कत्ल कर रहे हैं, उसको रोकने के लिए जो शहीद हो ऐसे ही लोगों के लिए,
ईश्वरी पुस्तक में लिखा है, कि उनको हरगिज़.मारा हुआ न समझो वो अपने रब से रिज़्क़ पा रहे हैं,
शाबू ज़ैदी
7617032786



