25 रमज़ान 05 अप्रैल 2024
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
सवाल- क्या ईद के दिन ईदी देना जरूरी और शरई कार्य है?
उत्तर- ईदी देना केवल ईदे ग़दीर के दिन है क्योंकि यह ईद ईदे अकबर है और अल्लाह ने इसकी व्यवस्था का आदेश दिया है।
सवाल- क्या फितरे के पैसे से दवा या किताबें खरीदी दी सकती हैं?
जवाब- फितरा के पैस में नकद पैसा देया जाए या जिन्स दी जाए ।
सवाल- अगर किसी लड़की का सिर्फ निकाह हुवा है रूखसती नही हुई हो तो फितरा कौन देगा?
उत्तर- यदि लड़की अपने पिता के घर में रह रही है, तो फितरा पिता द्वारा दिया जाएगा।
प्रश्न- क्या ईद की रात से पहले फितरा निकालकर गरीबों को देना संभव है ताकि वे ईद का प्रबंध कर सकें?
जवाब- फितरा शबे ईद फर्ज है। कर्ज के रूप में देना चाहिए और जब फितरा निकाला जाए तो उसका हिसाब उसमें करले।
प्रश्न- क्या गरीबों के लिए काम करने वाली धार्मिक संस्थाओं को कफ्फारा देना जायज़ है?
उत्तर-इस हालत में यह जायज़ है, जब संतुष्ट हो कि वह शरीयत के मुद्दों पर विचार करके योग्य व्यक्ति को कफ्फारा प्रदान करेगा।




