शिया हेल्पलाइन 26 रमज़ान 6 अप्रैल 2024
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैय्यद सादिक़ हुसैनी शीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रश्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी एवं उलेमा के पैनल ने दिए-
लोगों की सुविधा के लिए ‘‘शिया हेल्पलाइन’’ कई वर्षों से धर्म की सेवा कर रही है, इसलिए जिन मुमेनीन को उनके रोज़ा, नमाज़ या किसी अन्य धार्मिक समस्या के बारे में संदेह है, तो वह तमाम मराजए के मुकल्लेदीन के मसाएले शरिया को जानने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे आप इन नंबरों 9415580936, 9839097407 पर तक संपर्क कर सकते हैं। एवं ईमेलः उंेंम स786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन शुरू की गयी है जिस मे महिलाओं के प्रश्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
प्रश्न- यदि कोई व्यक्ति अपने मृत माता-पिता के इसाले सवाब के इरादे से फितरा निकाले तो उसका क्या हुक्म है?
उत्तर-सदका एक अच्छा कार्य है इसलिए इसे निकाला जा सकता है।
प्रश्न- क्या इमाम ज़माना अ0स0 की सलामती के उद्देश्य से फितरा या सदका निकाला जा सकता है?
उत्तर- बराऐ सलामती व दफऐ बला सदका निकालना और मोमिन की सहायता करना बेहतर है।
सवाल- अगर कोई शख्स शबे ईद गुरूब के वक्त पागल हो जाए तो क्या उस पर फितरा देना फर्ज है?
जवाब- ऐसे शख्स को फितरा देना वाजिब नहीं है जो पागल हो गया हो।
सवाल अगर कोई शख्स ईद की रात को पागलपन से होशमंद हो जाए या गरीब से अमीर हो जाए तो क्या वह फितरा अदा करेगा?
जवाब- अगर फितरा की शर्तें मौजूद हों तो जकात फितरा अदा करना चाहिए।
सवाल- अगर कोई बच्चा मां या दाई का दूध पीता है तो उस बच्चे को फितरा कौन देगा?
जवाब- बच्चे की ग़िज़ा जिस औरत का दूध होगा उस औरत का फितरा जो आदमी देगा वही उस बच्चे का भी फितरा देगा।





