एडवोकेट संशोधन बिल 2025 के विरोध में प्रदेश और देश के विद्वान अधिवक्ताओं के प्रयास रंग लाए हैं। भारत सरकार ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को पत्र लिखकर बताया है कि संशोधन बिल पर पुनः विचार-विमर्श के बाद इसे प्रस्तुत किया जाएगा ¹।
इससे पहले, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2025 पर आपत्ति जताई थी ²। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने भी इस विधेयक का विरोध किया था और प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन से आह्वान किया था कि वे इस विरोध में शामिल हों।





