खुद को जीवन भर के लिए चीन के सर्वोच्च पद पर नामित कराने पर आमादा शी चिनफिंग हताशा में कई ऐसे खतरनाक कदम उठा रहे हैं, जो सोवियत संघ की तर्ज पर चीन को टुकड़े-टुकड़े करने का कारण भी बन सकते हैं। चीनी राष्ट्रपति सर्वोच्च शासक की गद्दी जीवनपर्यंत अपने नाम कर लेने के लिए इस हद तक उतावले हैं कि वह कई बार अवसर की शालीनता और अपने पद की गरिमा भी भूल जाते हैं। जब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी समारोह के मौके पर चीन की जनता उनकी ओर मुखातिब थी और दुनिया भर के लोग उनकी बात सुनने को उत्सुक थे, तब उन्होंने धमकी दे डाली कि जो कोई भी चीन को दबाने की कोशिश करेगा उसका सिर कुचल कर लहूलुहान कर दिया जाएगा। चीन की आर्थिक और सैन्य ताकत के बारे में जानने वालों को उम्मीद नहीं थी कि अपनी पार्टी के शताब्दी समारोह जैसे गरिमामयी मौके पर वह अपनी ताकत का ऐसे अहंकारी अंदाज में प्रदर्शन करेंगे। शी के इसी अहंकार ने लोगों को पिछली सदी के छठे दशक में सोवियत संघ की याद दिला दी, जब सर्वोच्च कम्युनिस्ट नेता निकिता ख्रुश्चेव ने ऐसे ही एक मौके पर दहाड़ते हुए सभी पश्चिमी देशों को धमकी दे डाली थी, ‘तुम्हें सुनकर अच्छा लगे या बुरा, लेकिन सच यह है कि इतिहास हमारे पक्ष में है। हम तुम सबको धरती में गाड़ देंगे।’ इतिहास जानता है कि उसके बाद क्या हुआ? सोवियत संघ के 16 टुकड़े हो गए और पूर्वी यूरोप से कम्युनिज्म का सफाया हो गया।