हिज़बूल्ला प्रमुख हसन नसरुल्लाह को इज़रायली सेना द्वारा शहीद कर दिए गए,
इसका विरोध न्याय और मानवता को क़ायम रखने वालों ने पूरी दुनिया में किया, वहीं हिंदुस्तान की जनता ने भी अपनी पुरानी परंपरा को क़ायम रखते हुए,सोशल मीडिया व कश्मीर से कन्याकुमारी तक शांतिपूर्वक विरोध किया,जैसा कि सब जानते हैं कि हमास द्वारा इजराइल में किए गए हमले का बदला ग़जा के निहत्ते बच्चे, बूढ़े,जवान,औरतों से दुनिया के सारे मानवता के कानून को किनारे रखकर अपने मित्र दोस्तों द्वारा आधुनिक तकनीक के रॉकेट,मिसाइल दाग कर ले रहा है,जिसको रोकने के लिए हिजबुल्लाह के जवानो लड़ाई की आधुनिक तकनीक ना प्राप्त होने के बावजूद भी अत्याचार, जुल्म को रोकने के लिए अपनी शहादत पेश कर रहे हैं, इसी क्रम में इजरायल द्वारा हिज्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरुल्लाह को धोखे से शहीद कर दिया गया,जिसका विरोध पूरी दुनिया के साथ-साथ बलिदानों की सर जमीन हिंदुस्तान में भी शांतिपूर्वक ढंग से हुआ,
शहीद हसन नसरुल्लाह और भारत
