राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जिन्होंने भारत को आजादी दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, उनकी 30 जनवरी 2026 को पुण्यतिथि पर पूरे देश में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। इस अवसर पर उच्च नेताओं ने उनके सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों को याद किया।नेताओं के प्रमुख बयान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित कर कहा, “गांधीजी के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण में प्रेरणा स्रोत हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “बापू का अहिंसा और स्वच्छता का संदेश विकसित भारत के लिए मार्गदर्शक बनेगा।” गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, “सत्य, अहिंसा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक गांधीजी को वंदन।” वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “उनकी आत्मनिर्भरता की सोच आर्थिक मजबूती का आधार है।” नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर, “गांधीजी का संघर्ष समानता और न्याय की मिसाल है।”राज्यों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश में लखनऊ के राजभवन और महात्मा गांधी स्मृति में सभाएं हुईं। महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे में स्कूल-कॉलेजों में प्रार्थना सभाएं। बिहार के पटना में गांधी मैदान पर धरना-रैली। गुजरात के अहमदाबाद (साबरमती आश्रम) में विशेष पूजा। दिल्ली के राजघाट पर केंद्रीय समारोह में तीनों सेनाओं ने तिरंगा लहराया। मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु में स्थानीय स्तर पर सत्याग्रह प्रदर्शन हुए।





