Home / मुसलमान अपनी बुनियादी बातों से दूर, दूसरी तरफ सरदार और किसान आन्दोलन:एस.एन.लाल

मुसलमान अपनी बुनियादी बातों से दूर, दूसरी तरफ सरदार और किसान आन्दोलन:एस.एन.लाल

Spread the love


मुसलमान… सरदारों की तरह अपनी बुनियादी बातों को न मान रहा है और न उनको दूसरों तक आम कर पा रहा है…, उसपर से तेल के नाम पर बिके लोगों का यहूदी फायदा उठाकर इस्लाम को बदनाम कर रहे है…! अब कर क्या रहा है…कर चुका है…,! बचा क्या..!
एस.एन.लाल
इस्लाम की बुनियादी चीज़े…!

  1. नामज़ में अगर किसी की गैस (थ्ंतजपदह) निकल जाये, तो नमाज़ सही नही..फिर से वज़ू करे, फिर नमाज़ पढ़े..!
    यानी इस्लाम ये कहना चाहता है, कि अपने सम्पूर्ण खाने में एक रोटी कम खाये…, भरपेट न खाओ..ताकि पेट सही रहे।
  2. आप के घर के चारों ओर रेडियस (परिधि) में चालिस घरों में अगर कोई भूखा सोता है…और तुम्हारे पास देने के लिए उतना है…और तुम नहीं देते…तो तुम गुनाहगार हो… अल्लाह तुमको सज़ा देगा !
  3. किसी इन्सान (चाहे किसी धर्म का हो) की जान बचाने के लिए तुम नमाज़ तोड़ सकते हो, हज छोड़ सकते हो। (जनाब डा0 कल्बे सादिक साहब के बयान में भी है)
  4. किसी ग़रीब को देखो, और उसको मद्द की ज़रुरत हो, किसी भी तरह की और हम न करें…. तो मद्द न करने वाला व्यक्ति गुनाहगार होगा..मद्द न करने पर उसकी सज़ा खुदा उसको देगा।
  5. किसी लावारिस लाश को पड़ा देखो, तो उसका अन्तिम संस्कार कराओ…, किसी की धसी हुई क़ब्र देख लो, तो उसे ठीक कराओ…, अगर यह सब नहीं कराते..तो अल्लाह इसकी भी सज़ा तुमको देगा।
  6. इल्म हासिल करो, चाहे इसके लिए तुमको कुछ भी (Farting) करना पड़े। यानी सिर्फ मौलवी की सुनी बातों पर ही नही..खुद भी पढ़कर सही बात मज़हबों की जानों..!
  7. अपने आस-पास किसी यतीम-बेसहारा बच्चे को यतीमी का एहसास न होंने दो..!
    एस.एन.लाल
    ऐसी बहुत सी बाते इस्लाम में बतायी गयी है…अल्लाह नमाज़-रोजा़ तो माफ कर देगा…क्योंकि वह तुम अपने और अल्लाह के लिए करते हो…, लेकिन अगर दूसरों के लिए अपने कर्तव्य पूरे नहीं करोगे तो अल्लाह माफ नहीं करेगा, क्योंकि ये काम अल्लाह के बन्दों के लिए हैं। आज जो मुसलमानों के साथ हो रहा है.., शायद इन्ही बातों को न करने की सज़ा मिल रही है, हम दूसरों क्या अपनों के साथ ये अमल अन्जाम नहीं देते।
    एस.एन.लाल
    आज सरदार अपनी बुनियादी चीज़ लंगर से जुड़े हुए है, यानि जन सेवा से…! उस कौम पर कई बार ज़ुल्म भी हुए…, लेकिन वह अपने जन सेवा वाले कामों से हटी नहीं…, बस यही हौसला आज उसको जिन्दा किये हुए है….उसी के इस हौसले के कारण ही चल रहा ‘‘किसान आन्दोलन’’ भी सफल रहा, और आम जनता भी इस आन्दोलन से जुड़ रही है…, केवल सरदारों की छवि के कारण। सीएए-एनआरसी वाले आन्दोलन में भी सरदारों की लन्गर द्वारा बराबर मद्द रही…!
    एस.एन.लाल
    मुसलमानों को गाली देना, बुरा कहना कोई ग़ल्त बात नहीं…क्योंकि मुसलमान आज है ही ऐसा…, लेकिन कुछ अज्ञानी-जाहिल रावण टाइप लोग इस्लाम और रसूलेखुदा के लिए अपशब्द कहते है…! क्योंकि उनको इस्लाम का ज्ञान नहीं है…! जो बिके हुए मुसलमानों और नफरत से भरे लोगों ने उनको बताया..बस उतना ही उनको इस्लाम के बारे में पता रहता है।
    इस्लाम द्वारा बतायी गयी इन्सनों के लिए बुनयादी सेवाओं से दूर होकर, सिर्फ नमाज़ पढ़कर अपने को मुसलमान समझने लगते है…। अल्लाह कहता है..नमाज़ तो तुम अपनी आखिरत (मरने के बाद) के लिए पढ़ रहे हो। अपनी जिन्दगी में मेरी मखलूक (जानदार चीज़ो) और मेरे लिए क्या कर रहे हो ।—— फाइल चित्र
    एस.एन.लाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *