नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देश भर से आए मुद्रा लाभार्थियों को अपने आवास पर आमंत्रित किया। इस खास मौके पर उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत की और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। इस योजना ने पिछले एक दशक में देश के सामान्य लोगों को उद्यमशीलता के नए अवसर प्रदान किए हैं।
मुद्रा योजना के लाभ: 33 लाख करोड़ रुपये का योगदान
मुद्रा योजना के तहत अब तक बिना किसी गारंटी के 33 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं। इस योजना ने खास तौर पर महिलाओं को सशक्त बनाया है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक संख्या में महिलाओं ने न केवल ऋण के लिए आवेदन किया, बल्कि वे ऋण चुकाने में भी सबसे आगे रही हैं। यह योजना देश के छोटे उद्यमियों और युवाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता का माध्यम बनी है।
लाभार्थियों की प्रेरक कहानियां
कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। केरल के एक उद्यमी ने बताया कि मुद्रा योजना की मदद से वे अपने सपनों को साकार कर एक सफल व्यवसायी बन सके। वहीं, मध्य प्रदेश के भोपाल के लवकुश मेहरा ने कहा कि मुद्रा ऋण की सहायता से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया। पहले साल में उनका टर्नओवर 12 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 50 लाख रुपये से अधिक हो गया है।
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा, “मुद्रा योजना ने देश के युवाओं को उद्यमशीलता के लिए प्रेरित किया है और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका दिया है। यह योजना न केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम बनी है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुद्रा योजना के 10 साल पूरे होने का यह आयोजन न केवल लाभार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि देश के आर्थिक भविष्य के लिए भी एक मजबूत संदेश दे गया।
मुद्रा योजना के 10 साल: पीएम मोदी ने लाभार्थियों से की मुलाकात, सुनी उनकी सफलता की कहानियां




