मध्य प्रदेश की राजनीति में हाल के दिनों में नेताओं के विवादित बयानों ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। ताजा मामला राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का है, जिन्होंने भारतीय सेना को लेकर एक विवादास्पद टिप्पणी की। 16 मई 2025 को जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान देवड़ा ने कहा, “भारतीय सेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चरणों में नतमस्तक है।” इस बयान की विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस ने तीखी आलोचना की है। कांग्रेस ने इसे सेना का अपमान और राजनीतिकरण बताते हुए देवड़ा से माफी की मांग की है।
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून में इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह बहुत शर्मनाक बयान है। भारतीय सेना देश की शान है और इसे किसी व्यक्ति विशेष के चरणों में नतमस्तक बताना सेना का अपमान है। बीजेपी को देश और सेना से माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने देवड़ा को बर्खास्त करने की भी मांग की।
विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान:
इससे पहले, मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह भी अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर चुके हैं। 13 मई 2025 को इंदौर जिले के मानपुर क्षेत्र में एक हलमा कार्यक्रम में शाह ने भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ब्रीफिंग देने वाली कर्नल सोफिया को “आतंकवादियों की बहन” और “पाकिस्तानियों की बहन” कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा, “जिन्होंने हमारी बेटियों का सिंदूर उजाड़ा, हमने उनकी बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवा दी।”
इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे “बेहद शर्मनाक और महिलाओं का अपमान” बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शाह को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “यह बयान सेना और देश की बेटी का अपमान है। बीजेपी को स्पष्ट करना चाहिए कि यह शाह की सोच है या पार्टी की।”
कानूनी कार्रवाई और माफी:
विजय शाह के बयान पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और उनकी टिप्पणी को “गटर स्तर का” बताते हुए 14 मई 2025 को पुलिस को उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद, मानपुर थाने में शाह के खिलाफ भारतीय नया संहिता (BNS) की धाराओं 152, 196(1)(बी), और 197(1)(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया। शाह ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने कोई राहत देने से इनकार कर दिया।
विवाद बढ़ता देख शाह ने माफी मांगते हुए कहा, “मेरे परिवार का सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ाव है। अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची, तो मैं 10 बार माफी मांगता हूं।” हालांकि, कांग्रेस ने उनकी माफी को नाकाफी बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग जारी रखी।
बीजेपी की प्रतिक्रिया और डैमेज कंट्रोल:
विजय शाह के बयान के बाद बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेतृत्व में कुछ नेताओं को कर्नल सोफिया कुरैशी के घर भेजा गया, जहां उन्होंने शाह के बयान को गलत संदर्भ में पेश करने की बात कही। वहीं, जगदीश देवड़ा के बयान पर बीजेपी की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसे भी गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
राजनीतिक माहौल:
इन बयानों ने मध्य प्रदेश में सियासी माहौल को गरमा दिया है। कांग्रेस ने इसे बीजेपी की “महिला विरोधी और सेना विरोधी मानसिकता” का सबूत बताते हुए आक्रामक रुख अपनाया है। दूसरी ओर, बीजेपी इन बयानों को विपक्ष द्वारा तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगा रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी शाह की टिप्पणी की निंदा की है।
निष्कर्ष:
जगदीश देवड़ा और विजय शाह के बयानों ने मध्य प्रदेश में एक बार फिर बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया है। सेना और उसकी वीरांगना कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई टिप्पणियों ने न केवल राजनीतिक विवाद को जन्म दिया, बल्कि सेना के सम्मान और महिलाओं की गरिमा से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं। अब यह देखना बाकी है कि बीजेपी इस मामले को कैसे सुलझाती है और विपक्ष इसका कितना राजनीतिक लाभ उठा पाता है।
स्रोत:
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मध्य प्रदेश में नेताओं के विवादित बयान: डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और मंत्री विजय शाह की टिप्पणियों ने मचाया बवाल




