मकर संक्रांति के संबंध में कई वेदों और पुराणों में उल्लेख किया गया है।
इनमें ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद, भागवत पुराण, पद्म पुराण, और मार्कण्डेय पुराण शामिल हैं।
इन ग्रंथों में मकर संक्रांति के महत्व और इसके संबंध में विभिन्न पूजा-पाठ और अनुष्ठानों का उल्लेख किया गया है। मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है, जो कि एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है।
मकर संक्रांति का महत्व निम्नलिखित है:
– धार्मिक महत्व: सूर्य की पूजा, मकर राशि में प्रवेश, और पितृदेवों की पूजा।
– सांस्कृतिक महत्व: कृषि का महत्व, परिवार और समाज के साथ मिलकर त्योहार मनाना।
– पारंपरिक गतिविधियाँ: स्नान और पूजा, खिचड़ी और तिल का भोग लगाना, और पतंगबाजी।




