दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 (समाचार अपडेट): भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अफगानिस्तान के तालिबान शासन के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्तकी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाया। इस बैठक में भारत ने अफगानिस्तान को 20 आधुनिक एंबुलेंस की भेंट दी, जो अफगान लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति भारत की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जयशंकर ने व्यक्तिगत रूप से इनमें से 5 एंबुलेंस मुत्तकी को सौंपे, जो एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।घटना का विवरण:बैठक का स्थान और समय: हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली। बैठक 10 अक्टूबर 2025 को हुई, जो मुत्तकी के 8 दिवसीय भारत दौरे (9-16 अक्टूबर) का हिस्सा थी। यह दौरा 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान के किसी वरिष्ठ नेता का भारत का पहला उच्चस्तरीय दौरा है।
भेंट का उद्देश्य: जयशंकर ने कहा, “भारत ने हमेशा अफगानिस्तान की स्वास्थ्य सुरक्षा का समर्थन किया है, जिसमें कोविड महामारी के दौरान भी सहायता शामिल है। 20 एंबुलेंस की भेंट सद्भावना का प्रतीक है।” यह भेंट अफगानिस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दी गई है, जहां चिकित्सा सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती है।
प्रतीकात्मक हस्तांतरण: एएनआई द्वारा जारी वीडियो में दिखाया गया कि जयशंकर ने मुत्तकी को एंबुलेंस की चाबियां सौंपीं। यह क्षण भारत-अफगानिस्तान मित्रता को मजबूत करने का संदेश देता है।
बैठक के अन्य प्रमुख बिंदु:काबुल में दूतावास का पुनः उद्घाटन: जयशंकर ने घोषणा की कि भारत काबुल में अपने तकनीकी मिशन को पूर्ण दूतावास में अपग्रेड करेगा। 2021 में तालिबान के सत्ता प्राप्ति के बाद यह दूतावास बंद हो गया था। यह कदम दोनों देशों के बीच निकट सहयोग को बढ़ावा देगा।
स्वास्थ्य और विकास परियोजनाएं: भारत ने अफगानिस्तान के लिए 6 नई परियोजनाएं शुरू करने का वादा किया, जिनमें काबुल में थैलेसीमिया सेंटर, आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर, इंदिरा गांधी चाइल्ड हेल्थ इंस्टीट्यूट में हीटिंग सिस्टम का अपग्रेड, बग्रामी जिले में 30-बेड अस्पताल, एमआरआई-सीटी स्कैन मशीनें, वैक्सीन, कैंसर दवाएं और ड्रग रिहैबिलिटेशन सहायता शामिल हैं।
व्यापार और शिक्षा: दोनों पक्षों ने भारत-अफगानिस्तान एयर फ्रेट कॉरिडोर की शुरुआत का स्वागत किया, जो प्रत्यक्ष व्यापार को बढ़ावा देगा। भारत अफगान छात्रों के लिए ई-आईसीसीआर स्कॉलरशिप योजना जारी रखेगा और अफगान क्रिकेट को समर्थन देगा।
सुरक्षा चिंताएं: जयशंकर ने सीमा-पार आतंकवाद पर चर्चा की, जबकि मुत्तकी ने आश्वासन दिया कि “अफगान मिट्टी का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ नहीं होगा।” यह बयान पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां हाल के वर्षों में तनाव बढ़ा है। मुत्तकी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, “अफगानों की हिम्मत की परीक्षा न लें।”
पृष्ठभूमि:मुत्तकी का दौरा संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची से छूट के बाद संभव हुआ। यात्रा से पहले वे मॉस्को फॉर्मेट कंसल्टेशन में शामिल हुए थे, जहां भारत, चीन, पाकिस्तान, ईरान आदि देशों ने अफगानिस्तान पर चर्चा की। भारत ने हमेशा अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान की है, भले ही तालिबान शासन हो। हाल ही में भूकंप प्रभावित अफगानिस्तान को भारत ने तत्काल सहायता भेजी थी।प्रतिक्रियाएं:मुत्तकी: “भारत को हम घनिष्ठ मित्र मानते हैं। आपसी सम्मान, व्यापार और लोगों के हितों पर आधारित संबंध मजबूत होंगे।”
विदेश मंत्रालय (MEA): प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत अफगानिस्तान के विकास में रुचि रखता है।”
सोशल मीडिया: एक्स पर #IndiaAfghanistan ट्रेंड कर रहा है, जहां उपयोगकर्ता इस कदम को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सकारात्मक बता रहे हैं।



