जमीयत उलेमा ए इस्लामी द्वारा दायर भारत का सर्वोच्च न्यायालय मे बुलडोजर कार्रवाई पर एक मामले की सुनवाई कर रहा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ये कार्रवाई एक विशेष धर्म को लक्षित कर रही है और इसका इस्तेमाल हाशिए पर पड़े समुदायों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को दबाने और डराने के लिए किया जा रहा है।
इस मामले की सुनवाई पूरे देश में होगी, जिसमें भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं।
आवेदन में दावा किया गया है कि राज्य सरकारें हाशिए पर पड़े लोगों, विशेषकर अल्पसंख्यकों के घरों और संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल कर रही हैं, ताकि उन्हें डराया जा सके और उत्पीड़न का चक्र चलाया जा सके।



