18 जुलाई 2025 को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मोतिहारी में एक सार्वजनिक समारोह में 7200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर, उन्होंने चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ये ट्रेनें निम्नलिखित मार्गों पर चलेंगी:
1. **राजेंद्र नगर टर्मिनल (पटना) से नई दिल्ली**
2. **बापूधाम मोतिहारी से दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल)**
3. **दरभंगा से लखनऊ (गोमती नगर)**
4. **मालदा टाउन से लखनऊ (गोमती नगर) via भागलपुर**
ये ट्रेनें मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर यात्रियों के लिए किफायती और आधुनिक यात्रा सुविधाएं प्रदान करती हैं। अमृत भारत ट्रेनें ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी तकनीक से निर्मित हैं और इनमें आधुनिक सुविधाएं जैसे फोल्डेबल स्नैक टेबल, मोबाइल होल्डर, तेज चार्जिंग पोर्ट, आरामदायक सीटें, रेडियम रोशनी वाली फ्लोरिंग, और दिव्यांगजन-अनुकूल शौचालय शामिल हैं। इन ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किमी/घंटा है, और ये सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करती हैं।
**अन्य विकास परियोजनाएं:**
– **रेल परियोजनाएं:**
– दरभंगा-नरकटियागंज रेल लाइन दोहरीकरण (लगभग 4080 करोड़ रुपये), जो उत्तरी बिहार और देश के अन्य हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
– दरभंगा-समस्तीपुर दोहरीकरण परियोजना (580 करोड़ रुपये से अधिक), जो ट्रेन संचालन की क्षमता बढ़ाएगी और देरी को कम करेगी।
– समस्तीपुर-बछवारा और भटनी-छपरा ग्रामीण रेल लाइन पर स्वचालित सिग्नलिंग, जो ट्रेन संचालन को सुगम बनाएगी।
– पाटलिपुत्र में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए बुनियादी ढांचे का विकास- **सड़क परियोजनाएं:**
– एनएच-319 के आरा बायपास का चार-लेन निर्माण, जो आरा-मोहनिया और पटना-बक्सर को जोड़ेगा।
– एनएच-319 के पररिया-मोहनिया खंड का चार-लेन उद्घाटन (820 करोड़ रुपये), जो माल और यात्री आवागमन को बेहतर बनाएगा।
– एनएच-333सी के सरवान-चकाई खंड का दो-लेन निर्माण, जो बिहार और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।
– **आईटी और स्टार्टअप:**
– दरभंगा में नया सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और पटना में एसटीपीआई इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन, जो आईटी/आईटीईएस/ईएसडीएम उद्योग और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा
– **मत्स्य पालन और ग्रामीण विकास:**
– प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालन परियोजनाएं, जिनमें नए मछली हैचरी, बायोफ्लॉक इकाइयां, और एकीकृत जलीय कृषि इकाइयां शामिल हैं।
– दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत बिहार में 61,500 स्वयं सहायता समूहों को 400 करोड़ रुपये की राशि जारी।
– प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 12,000 लाभार्थियों के लिए गृह प्रवेश समारोह और 40,000 लाभार्थियों के लिए 160 करोड़ रुपये की राशि जारी।
**महत्व:**
ये परियोजनाएं ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। ये बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इन परियोजनाओं का शुभारंभ राज्य के विकास के प्रति एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
**प्रधानमंत्री का बयान:**
मोतिहारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा, “चंपारण की धरती ने महात्मा गांधी को नई दिशा दी थी, और यह बिहार के विकास के लिए भी दिशा देगी।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ये परियोजनाएं बिहार को पूर्वी भारत के विकास का केंद्र बनाएंगी।
**आलोचना:**
विपक्षी नेता लालू प्रसाद यादव ने पीएम की इस यात्रा की आलोचना करते हुए इसे “झूठ बोलने” का प्रयास बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई ये अमृत भारत ट्रेनें और अन्य परियोजनाएं बिहार और पूर्वी भारत में रेल, सड़क, और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं। यह ‘अमृत काल’ में ‘नए भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।




