नई दिल्ली/मुंबई। टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के ठीक बाद स्टेडियम में एक ऐसा क्षण दिखा, जिसने करोड़ों भारतीयों के दिलों को छू लिया। आईसीसी चेयरमैन जय शाह जब अपने पिता व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे, तो गृहमंत्री ने खुशी से अपने बेटे को गले लगा लिया। यह केवल पारिवारिक खुशी का पल नहीं था, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के गौरव और उल्लास की जीवंत झलक था।यह दृश्य 2026 टी20 विश्व कप फाइनल के बाद मुंबई के स्टेडियम में घटित हुआ, जब भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। जय शाह, जो बीसीसीआई के पूर्व सचिव रह चुके हैं और वर्तमान में आईसीसी के शीर्ष पद पर आसीन हैं, मैदान पर उतरकर अपने पिता से मिले। गृहमंत्री अमित शाह ने बेटे को गले लगाते हुए कहा, “भारत की जीत हर भारतीय का गर्व है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यह पल और भी खास हो गया।अमित शाह भारतीय राजनीति के ‘चाणक्य’ के नाम से मशहूर हैं। भाजपा को 2014 और 2019 में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने वाले शाह ने गृहमंत्री के रूप में आंतरिक सुरक्षा को अटल आधार प्रदान किया है। उनके नेतृत्व में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार, सीएए-एनआरसी जैसे कदम और उत्तरी-पूर्वी राज्यों में शांति स्थापना हुई। जय शाह का उदय भी इसी विरासत का हिस्सा है। बीसीसीआई में उनके कार्यकाल में आईपीएल वैश्विक ब्रांड बना, महिला क्रिकेट को बढ़ावा मिला और भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होस्ट किए। 2022 में आईसीसी चेयरमैन बनना उनकी क्षमता का प्रमाण है।जब भारत जीतता है, तो खुशी हर चेहरे पर झलकती है—यह सत्य है। क्रिकेट भारत में केवल खेल नहीं, बल्कि एकता का प्रतीक है। इस जीत ने जाति, वर्ग और क्षेत्र की सीमाओं को तोड़ा। विपक्षी दलों द्वारा ‘वंशवाद’ के आरोपों के बावजूद, शाह परिवार की यह सफलता परिणामों पर आधारित है। जय शाह ने आईसीसी की आय दोगुनी की, जबकि अमित शाह ने भाजपा को 303 सीटों तक पहुंचाया। यह दृश्य सत्ता की मानवीयता दिखाता है—नेता भी पहले पिता होते हैं।यह घटना ‘विकसित भारत’ के विजन को मजबूत करती है। खेल के माध्यम से सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन करते हुए भारत वैश्विक पटल पर चमक रहा है। गृहमंत्री का बेटे को गले लगाना न केवल पारिवारिक प्रेम है, बल्कि राष्ट्रीय शक्ति का प्रतीक भी।
पिता का गले लगाना, राष्ट्र का विजय उत्सव: शाह परिवार की T20 विश्व कप जीत में सत्ता और गर्व की अनोखी मिसाल





