पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में हुई हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई या एसआईटी जांच के लिए जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। हालांकि,
कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और जांच के लिए एसआईटी गठित करने की शक्ति रखता है।
*मामले की जांच की स्थिति:*
– *एनएचआरसी की जांच रिपोर्ट:* राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की जांच रिपोर्ट में हिंसा में कई मानव अधिकार संबंधी चिंताओं को उजागर किया गया है। रिपोर्ट में पीड़ितों पर अत्याचार के कई मामले सामने आए हैं।
– *कलकत्ता हाईकोर्ट की भूमिका:* हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है और जांच के लिए एसआईटी गठित करने की शक्ति रखता है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता दी है।
– *पश्चिम बंगाल सरकार की कार्रवाई:* राज्य सरकार से रिपोर्ट में की गई सिफारिशों पर आठ सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है।
आयोग ने सूचना के व्यापक प्रसार के लिए रिपोर्ट को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया है ¹ ²।




