प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल, असम और पुदुचेरी में भाजपा की जीत का जश्न मनाते हुए कहा कि बंगाल की धरती पर एक नए सूरज का उदय हुआ है। उन्होंने इसे उस सवेरे की तरह बताया जिसका इंतजार कई पीढ़ियों से किया जा रहा था।
दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस जीत से श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को शांति मिली होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार बंगाल में डर नहीं, लोकतंत्र जीता है। उनके अनुसार यह जनादेश सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और उम्मीद की जीत है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 13 साल पुरानी उस बात को भी याद किया, जब उन्होंने कहा था कि “मां गंगा ने मुझे बुलाया है।” उन्होंने कहा कि उस समय जिस संकल्प के साथ उन्होंने बंगाल से जुड़ाव की बात कही थी, आज का परिणाम उसी विश्वास का विस्तार है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की जमीनी मजबूती और जनता से सीधे जुड़ने की रणनीति को इस जीत का आधार बताया। पीएम मोदी के मुताबिक, यह परिणाम बताता है कि जनता ने विकास, स्थिरता और विश्वास को चुना है।
बंगाल की इस जीत को भाजपा के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से वहां पार्टी को मजबूत जनाधार बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा था। पीएम मोदी का यह संदेश साफ था कि यह जीत केवल सीटों की नहीं, बल्कि एक राजनीतिक परिवर्तन की शुरुआत भी है।
बंगाल में लोकतंत्र की जीत: पीएम मोदी ने याद की 13 साल पुरानी ‘मां गंगा ने बुलाया है’ कहानी




