Home / दिल्ली पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। जस्टिस जोसेफ

दिल्ली पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। जस्टिस जोसेफ

Spread the love

दिल्ली  26 फरवरी 2020 नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों में हिंसा, भड़काऊ बयानों और इस पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में अलग-अलग सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली के मौजूदा हालात पर सख्त टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने कहा कि दिल्ली की हिंसा में लोगों की मौत से हैरान हैं। पुलिस ने पेशेवर तरीके से कार्रवाई नहीं की, हमें ब्रिटिश पुलिस से सीख लेनी चाहिए। ब्रिटेन और अमेरिका की पुलिस को कार्रवाई के लिए इधर-उधर नहीं देखना पड़ता है। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा और भड़काऊ बयान देने वाले नेताओं पर कार्रवाई के लिए दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई। पूछा- क्या हिंसा भड़काने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करना जरूरी नहीं है? हिंसा रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने की जरूरत है। दिल्ली में एक और 1984 नहीं होना चाहिए। जिन्हें Z सिक्युरिटी मिली है, वे भरोसा जगाने के लिए लोगों तक पहुंचें।

जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा- “पुलिस की निष्क्रियता के बारे में कुछ कहना चाहता हूं। अगर मैं यह नहीं कहूंगा तो अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर पाऊंगा। इस देश के प्रति, संस्थान के प्रति मेरी निष्ठा है। पुलिस की तरफ से इस मामले में स्वतंत्रता और प्रोफेशनलिज्म की कमी रही। 13 लोगों की मौत ने मुझे परेशान कर दिया।” तभी एक वकील ने उन्हें बताया कि हिंसा में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद जस्टिस जोसेफ ने कहा- “पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। अगर पहले ही कार्रवाई की होती, तो ऐसे हालात पैदा नहीं होते। आप देखिए ब्रिटेन की पुलिस कैसे कार्रवाई करती है। अगर कोई लोगों को भड़काने की कोशिश करता है, तो ब्रिटेन पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। वह आदेश का इंतजार नहीं करती। ऐसे हालातों में पुलिस को आदेश के लिए इधर-उधर नहीं देखना चाहिए।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *