मैंने ये “गोलमाल” दोनों बार दूरदर्शन पर ही देखी, पहली बार बहुत पहले और दूसरी बार जब मंगलवार को दूरदर्शन पर दोपहर में फिल्म दिखाने का चलन शुरू हुआ था तब.
मेरे लिए तो पहली और आखिरी पसंदीदा “गोलमाल” यही रहेगी.
सन १९७९ में एन. सी. सिप्पी द्वारा प्रस्तुत शैलेश डे, सचिन भौमिक, राही मासूम रज़ा की कलम से लिखी गई और दि ग्रेट सर ऋषिकेश मुखर्जी द्वारा दिग्दर्शित गुलज़ार साहब के दिलकश गीत, पंचम दा का सुनहरा संगीत किशोर दा और लता दीदी की मिठी आवाज…
ये पुरा फॉर्मूला पॅकेज जो एक सफलतम फिल्म के लिए चाहिए होता है वो सारी बातें (चिजे) इस “गोलमाल” में थी.
और इनके बिना तो हम “गोलमाल” सोच भी नहीं सकते.
उत्पल दत्त जी, अमोल पालेकर जी, बिंदिया गोस्वामी जी, दीना पाठक जी, मंजू सिंह जी, ओमप्रकाश जी, देवेन वर्मा जी, शोभा खोटे जी, डेविड जी, केश्टो मुखर्जी जी जैसे सभी दिग्गज कलाकारों के सहज, सुंदर, सरल अभिनय ने फिल्म को एक अपनी अलग पहचान दी????
सोचों अगर उस समय इस “गोलमाल” के सिक्वेल बनते तो हमें फिर से “रामप्रसाद दशरथ प्रसाद शर्मा” और “भवानी शंकर” को देखने में कितना आनंद आता ! ????
एक और दूरदर्शन की संस्मरणीय अनमोल भेंट





