उत्तर प्रदेश में गाय के गोबर से राखियों का निर्माण किया जा रहा है, रायबरेली में यह पहल अधिक प्रसिद्ध है। उन्नाव के बिछिया ब्लॉक में अपराजिता महिला समूह की 20 महिलाओं ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गाय के गोबर से राखियां बनाना सीखा है। इन राखियों की कीमत 8 रुपये से लेकर 150 रुपये तक है और ये पूरी तरह से इको फ्रेंडली हैं। इन राखियों में तुलसी, टमाटर और बैंगन के बीज भी इस्तेमाल किए गए हैं, जो बाद में पौधे उगाने के काम आ सकते हैं। अब तक इन महिलाओं ने 10,000 से अधिक राखियां बेची हैं और 45,000 रुपये से अधिक की कमाई की है।
*गोबर से बनी राखियों की खासियतें:*
– *इको फ्रेंडली*: ये राखियां पर्यावरण के अनुकूल हैं और इन्हें गमले में डालकर खाद के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
– *आर्थिक लाभ*: गोबर से राखियां बनाकर महिलाएं अच्छी कमाई कर सकती हैं।
– *नौकरी के अवसर*: रायबरेली के अंकित शुक्ला ने गाय के गोबर से उत्पाद बनाने की मुहिम चलाई है, जिससे कई लोगों को रोजगार मिला है ¹ ².





