उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान (UPSIFS) के तीसरे स्थापना दिवस पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने ‘साइबर युद्ध के आयाम, बहुपक्षीय कानूनी ढांचे, फॉरेंसिक और रणनीतिक प्रतिकार’ विषय पर आधारित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का शुभारंभ किया।
*मुख्य कार्यक्रम*
– *पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह एडवांस्ड डीएनए डायग्नोस्टिक सेंटर*: सीएम योगी ने इस सेंटर का उद्घाटन किया, जो डीएनए जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
– *एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब*: इस लैब का उद्घाटन किया गया, जो फॉरेंसिक विज्ञान में नए आयाम जोड़ने में मदद करेगा।
– *अटल पुस्तकालय*: सीएम योगी ने अटल पुस्तकालय का भी उद्घाटन किया, जो छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन होगा।
– *स्मार्ट टैबलेट वितरण*: छात्र-छात्राओं को स्मार्ट टैबलेट वितरित किए गए, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।
– *मोबाइल फॉरेंसिक वैन*: उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों और कमिश्नरेट के लिए 75 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को फ्लैग ऑफ किया गया, जो अपराध जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
*सीएम योगी के बयान*
– सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक संस्थान दुनिया भर में अपनी पहचान बनाएगा।
– उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा की प्रयोगशालाएं सभी 18 जोन में स्थापित की जाएंगी।
इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जिससे अपराध जांच में मदद मिलेगी और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।



