ईरान के इसराइल पर हमले के बाद प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया है कि अकेले नवाटिम एयर बेस में कम से कम 44 इसराइली सैन्य अधिकारी मारे गए हैं…
इसराइल अपने हमले में अस्पतालों, स्कूलों, इबादतगाहों, शरणार्थी शिविर आदि को निशाना बनाता है ताकि अधिक से अधिक महिलाओं, बच्चों सहित अधिक से अधिक गैर-यहूदियों की हत्या किया जा सके…
वहीं हम देख रहे हैं कि ईरान अपने हमले में इसराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा ताकि लड़ाई जिससे है वो हताहत हो ना कि आम नागरिक विशेषकर महिलाएं व और बच्चे…
यह अंतर “कुफ्फार” के युद्ध के सिद्धांत और इस्लामी युद्ध के सिद्धांत के बीच के अंतर को दर्शा रहा है।





