आप तमाम अहले ईमान को इमामे तकी जवाद(आ. स.) की यौमे शहादत पर मैं ताज़ियत पेश करता हूं। खुदा आप सबको कोई गम ना दें सेवाए आले मोहम्मद के। इमाम की तबलीग और उनकी नसीहत आलमे इंसानियत के लिए है। हम सबको अल्लाह इस लायाक़ बनाए की हम सब इमाम की तबलीग से फ़ैज़े याब हो सकें।
या जवाद या जवाद
इमामे ज़माना ताज़ियत क़ुबूल फरमाएं।




