इमाम बाडा सैय्यद तक़ी साहब अकबरी गेट मे़ अष्रए मजालिस की नवी मजलिस को विलायत और अजादारी के उन्वान पर सम्बोधित करते हुए मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास नक़वी ने कहा कि गदीर के बाद इस्लाम में दो सोच वजूद मे आया! एक सोच वह थी जो अल्लाह के बनाए हुए वली पर यकीन रखता था! इसलिए कि रसूल स अ स ने अल्लाह के हुक्म से हजरत अली अ स को वली बनाया! और दुसरी सोच के वह लोग थे जो बन्दो के बनाए हुए खिलाफत का यकीन रखता है! अतः जो लोग गदीर को मानते है वह अल्लाह तक गदीर के रास्ते जाना चाहते है! और वह लोग अपने बनाए रास्ते के जरिए अल्लाह तक पहुचना चाहते है! अब मुसल्मान खुद फैसला करे के वह अल्लाह तक अल्लाह के बनाए हुए रास्ते से पहुच सकता है या अपने बनाए हुए रास्ते से!
अन्त में मौलाना सैफ अब्बास ने इमामे हुसैन अ स के नन्हे मुजाहिद जनाबे अली असगर अ स की षहादत को बयान किया और षोहदाए कर्बला के मसाएब का जिर्क किया! जिसे सुन कर अजादारो ने गिरया व मातम किया! बाद मजालिस षबीह ताबूत बरामद हुआ जिसकी मोमेनीन ने जियारत की!
